Our Mission · उद्देश्य

संस्थान का उद्देश्य

निःस्वार्थ सेवा · समाज कल्याण · आत्मोत्थान

मुख्य उद्देश्य · Core Objectives

हम क्यों हैं?

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आध्यात्मिक एवं सामाजिक जागरण

आदि शंकराचार्य के अद्वैत वेदांत के प्रकाश में जनमानस में आध्यात्मिक चेतना एवं धर्ममय भावना जागृत करना। सामाजिक कल्याण कार्यक्रमों के माध्यम से भावी पीढ़ी को शारीरिक, मानसिक, नैतिक एवं आध्यात्मिक रूप से सुदृढ़ करना।

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योग एवं स्वास्थ्य जागरूकता

योग शिविरों एवं गोष्ठियों का नियमित आयोजन कर समाज में स्वास्थ्य के प्रति चेतना उत्पन्न करना तथा योग को जन-जन तक सुलभ बनाना।

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गीता ज्ञान का प्रसार

गोष्ठियों के माध्यम से गीता के सार को सरल एवं सुबोध भाषा में जन सामान्य तक पहुँचाना, ताकि प्रत्येक व्यक्ति निःसंकोच भाव से इस ज्ञान को आत्मसात कर सके।

History · यात्रा

संस्थान की यात्रा

2011 से अब तक

यद्यपि संस्थान वर्ष 2011 से निरंतर योग का आयोजन करता आ रहा है, तथापि वर्ष 2015 में संयुक्त राष्ट्रसंघ द्वारा प्रतिवर्ष 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस घोषित किए जाने के परिप्रेक्ष्य में संस्था को वर्ष 2017 में विधिवत पंजीकृत कराया गया। तब से संस्था प्रतिवर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का सफल एवं भव्य आयोजन करती आ रही है।

संस्था के योग गुरु श्री अरविंद पांडे जी द्वारा नीम उपवन पार्क, विजयंत खंड-3, लखनऊ में प्रतिदिन प्रातःकाल नियमित योगाभ्यास कराया जाता है, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएँ, पुरुष एवं बच्चे उत्साहपूर्वक भाग लेते हैं।

विगत कुछ वर्षों में संस्था से अनेक बुद्धिजीवी एवं सामाजिक रूप से सक्रिय व्यक्तित्व जुड़े हैं, जो इसे एक सशक्त एवं विश्वसनीय संस्था के रूप में स्थापित करते हैं।

Activities · गतिविधियाँ

उल्लेखनीय गतिविधियाँ

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काठमांडू तीर्थाटन

वर्ष 2017 में भगवान पशुपतिनाथ के दर्शन एवं पूजन हेतु काठमांडू तीर्थ यात्रा का सफल आयोजन किया गया। लोकहित संग्रह एवं सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार में यह संस्था का महत्त्वपूर्ण कदम था।

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कुंभ एवं महाकुंभ कल्पवास

प्रयागराज में कुंभ मेला 2019, महाकुंभ 2025 एवं माघ मेला 2026 में उत्तर प्रदेश सरकार के सहयोग से मासीय कल्पवास शिविर का निरंतर आयोजन।

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रामलीला मंचन

श्री मुकुल अवस्थी जी के संयोजन में प्रतिवर्ष विजयदशमी के पावन अवसर पर संस्था के सदस्यों द्वारा रामलीला का भव्य मंचन — विगत 9 वर्षों से।

जन कल्याण के इन्हीं उद्देश्यों को लेकर ॐ योग संस्थान निःस्वार्थ भाव से, बिना किसी व्यावसायिक आकांक्षा के, समाज की सेवा में निरंतर अग्रसर है। वर्तमान में संस्था आर्थिक रूप से अपने सदस्यों के सहयोग पर निर्भर है तथा बाह्य व्यक्तियों से किसी प्रकार का दान स्वीकार नहीं करती।